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आखिर धोनी के विकेट कीपिंग ग्लव्स पर क्यों है बवाल?
June 7, 2019 • Gulshan Verma

नई दिल्ली। विश्व कप की हर जगह धूम मची हुई है और इसी धूम में भारत ने पहले मुकाबले में अपनी जीत हासील कर भारत मे खुशी का माहौल बना दिया है। भारत का पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका के साथ हुआ था जिसमे साउथ अफ्रीका ने 227 रन का लक्ष्य रखा लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और जीत कर अपना खाता खोला। लेकिन इस मैच में कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से धोनी को बी.सी.सी.आई से चेतावनी मिल गयी।

भारत और साउथ अफ्रीका के मैच में भारत ने 230 रन बना कर जीत हासिल की पर धोनी जो भारतीय टीम के विकेट कीपर और पूर्व कप्तान थे उन्होंने इस मैच में एक गलती कर दी जिसकी वजह से उन्हें आई.सी.सी ने चेतावनी दे दी। जैसा की आप सब जानते ही हैं कि धोनी को आर्मी से कितना लगाव है। वे अक्सर आर्मी से जुडी हुई चीजे पहने हुए नजर आते है पर धोनी ने सॉउथ अफ्रीका के साथ हुए मैच में पैराकमाण्डो का एक सम्मान पूर्वक बैज जिसे "बलिदान बैज" कहते हैं उसको धोनी ने अपने दस्तानो पर लगा रखा था जिसकी वजह से बी.सी.सी.आई ने उन्हें कहा है की वो अपने दस्तानों को अगले किसी भी मैच में ना पहने। धोनी का यह बैज 40वे ओवर में दिखा जब युजवेंद्र चहल की गेंद पर दक्षिणी अफ्रीका के बल्लेबाज एंडिले फेहलुकवायो को स्टंप आउट किया था जिसकी वजह से धोनी का यह बैज दिखाई दिया। आखिर एक बैज लगाने से धोनी को क्यों मिली चेतावनी और क्या है इस बैज का मतलब आइए जानते है।

आई.सी.सी के कुछ नियम है जिसके अंदर लिखा है की किसी भी अंतराष्ट्रीय टीम का कोई भी प्लेयर अपने किट या कपड़ों पर किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी भी तरह के राजनीति, धर्म या जाती से जुडी किसी प्रकार की चीज अथवा संदेश को नहीं लगा सकता है। और इसी नियम की वजह से धोनी को यह बैज उतरने को कहा गया है। लेकिन धोनी को यह बैज मिला कहा से क्यों की परकमांडो का बैज का मिलना कोई आसान बात तो है नहीं तो हम आपको बता दे की धोनी को उनकी उपलब्धियों के चलते सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी जो की कपिल देव के बाद दूसरे खिलाडी हैं जिन्हे यह सम्मान मिला है।धोनी को युवा मानद की रैंक इसलिए दी गई थी क्यों की वो युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित कर सकते है और साथ ही अगस्त 2015 में धोनी एक पैराट्रूपर भी बन गए थे। आगरा के पैराट्रूपर्स 2015 मे ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) में भारतीय वायु सेना के एएन-32 विमान से पांचवीं छलांग पूरी करने के बाद धोनी को प्रतिष्ठित पैरा विंग्स प्रतीक का चिह्न लगाने की योग्यता प्राप्त कर ली थी। जिसका मतलब यह है की धोनी अब इस बैज को इस्तेमाल करने के योग्य है।

बलिदान बैज भारतीय सेना की एक स्पेशल फोर्सेज की टीम का है जो आतंकियों से लड़ने और आतंकियों के इलाकों में घुसकर उन्हें मारने में निपुण होते है। मुश्किल ट्रेनिंग और पैराशूट से कूदकर दुश्मनों के इलाकों में घुसकर दुश्मन को मारने की इन सैनिकों ने क़ाबलियत हासील कर ली है। इन सैनिको को पैरा कमांडो कहा जाता है। इन्हीं पैरा कमांडो को एक खास तरह की निशानी दी जाती है जिसे बलिदान बैज कहा जाता है। ये बैज उन्हें ही मिलता है जो स्पेशल पैरा फोर्सेज में या तो हो या किसी तरह से जुड़े हो।धोनी ने पहले ही बताया है की जब वो रिटायरमेंट लेंगे तो वो आर्म्ड फोर्सेज में जा कर देश की सेवा करेंगे।