इमरान खान से खफा हुए सऊदी प्रिंस, बीच में ही उतारा अपने प्लेन से
October 7, 2019 • रजत राज गुप्ता

इमरान खान संयुक्त राष्ट्र की बैठक  में गए थे और इस बैठक के लिए उन्हें सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद-बिन-सलमान ने अपना प्लेन दिया था क्यों की इमरान संयुक्त राष्ट्र जाने से पहले सऊदी गए थे। जब वो वहाँ गए थे तो उन्हें प्रिंस ने अपना मेहमान बताते हुए अपना विमान दिया था जिसके बाद वो वहाँ से संयुक्त राष्ट्र के लिए चले गए थे, लेकिन जब वो वापिस आ रहे थे तो उन्हें बीच रस्ते से ही अमेरिका वापिस बुला लिया गया था और उन्हें  वाणिज्यिक विमान से वापिस पाकिस्तान भेजा गया था। उनको वापिस बुलाने का कारण उनके प्लेन में खराबी बताई जा रही थी लेकिन पाकिस्तान की एक साप्ताहिक मैगजीन 'फ्राइडे टाइम्स' (Friday Times) ने कुछ और ही बताया है जो बेहद चौंकाने वाला है।

पाकिस्तान की मैगज़ीन के मुताबिक इमरान खान ने अमेरिका में भाषण के दौरान कुछ आपत्ति जनक बाते कहे दी थी जिसकी वजह से सऊदी प्रिंस को काफी बुरा लगा और उन्होंने इमरान के प्लेन को वापिस बुला कर उन्हें वाणिज्यिक विमान से वापिस पाकिस्तान भेज दिया। फ्राइडे टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'इन समर्थकों को लगता है कि इमरान ने कश्मीर, इस्लामोफोबिया जैसे सभी खास मुद्दों पर धारदार तरीके से बात रखी। उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हॉल आधा खाली पड़ा था और इमरान ने मान लिया था कि पाकिस्तान अलकायदा आतंकियों को प्रशिक्षित करता था। उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता कि भारत-पाकिस्तान संवाद की उम्मीद पहले से कहीं ज्यादा कम हो गई है और एक क्षेत्रीय मुद्दा इस्लामी पाकिस्तान और हिंदू भारत का मुद्दा बना दिया गया है।' आगे
फ्राइडे टाइम्स ने लिखा है, 'इस यात्रा के कुछ अनचाहे नतीजे भी रहे। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान न्यूयार्क में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की कूटनीति के कुछ पहलुओं से इतने अलग हो गए कि उन्होंने अपने निजी विमान को वापस बुलाकर और उसमें से पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को निकलवाकर बजाहिर इमरान को झिड़क दिया। वह इस संभावना से खुश नहीं हो सकते थे कि इस्लामिक ब्लॉक का प्रतिनिधित्व संयुक्त रूप से इमरान खान, रेसेप तैयप ARDOGAN और महाथिर मोहम्मद करें और बिना उनकी पूर्व सहमति के पाकिस्तान, ईरान से पींगे बढ़ाए।'

फ्राइडे टाइम्स की रिपोर्ट में जो भी कहा गया है उसके जवाब में पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता ने सूचना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे गलत बताया है। उन्होंने कहा, 'सऊदी क्राउन प्रिंस की तरफ से इमरान के विमान को कनाडा से वापस अमेरिका बुलाने की खबर मनगढ़ंत है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के शासकों के बीच बेहतरीन संबंध है। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री की विश्व के नेताओं के साथ सफल बातचीत को कमजोर करने की कोशिश की गई है। तुर्की और मलेशिया के नेताओं से प्रधानमंत्री की मुलाकात पर अपने मन से नतीजा निकाल लिया गया है। इस रिपोर्ट का मकसद राजनैतिक लाभ के लिए भाईचारे वाला संबंध रखने वाले दो देशों के बीच के रिश्तों पर हमला करना है। हम इसे सिरे से खारिज करते हैं।'

बहरहाल हम लोग किस की बात को सही माने और किस की बात को गलत कुछ नहीं कहा जा सकता क्यों की पाकिस्तान का मीडिया कितना सच्चा है ये भी हमें पता है और पकिस्तान के प्रवक्ता कितने सच्चे है ये भी हमें पता है।