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एक बार फिर चला मोदी का जादू मालदीव्स में
June 9, 2019 • रजत राज गुप्ता

 

नई दिल्ली। मोदी के दूसरे बार जीतने के बाद वो अपने पहले दौरे पर मालदीव्स गए है। जैसा की आप सब जानते है की मोदी कितने अच्छे स्पीकर है, वो जहाँ भी जाते है वहां पर अपना जादू चला देते है। बिलकुल ऐसा ही आज भी हुआ। मालदीव्स की संसद 'पीपुल्स मजलिस' में उन्होंने आज अपना वही जादू चलाया और जादू चलाते टाइम उन्होंने दो देशों को धमकी भी दे दी।

आज नरेंद्र मोदी मालदीव्स के दौरे पर है जहाँ वो भारत और मालदीव्स के रिलेशन्स को और मजबूत करने गए है। मोदी को मालदीव्स के सबसे बड़े सम्मान से भी नवाज़ा गया जिसके बाद मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, "मालदीव ने आज मुझे अपने देश का सर्वोच्च सम्मान दिया है और मैंने विनम्रता से इसे स्वीकार किया। ये सिर्फ मेरा सम्मान नहीं है बल्कि दोनों देशों की दोस्ती का सम्मान है।" मोदी को सम्मान मिलने के बाद वह की संसद 'पीपुल्स मजलिस' में गए और वहां पूरे संसद के सामने एक ऐसा भाषण दिया जिसमे भारत और मालदीव्स की एक जैसी बातें बताई गयी है और साथ में दो देशों को चेतावनी भी दी गयी है। जी हाँ मोदी ने वहां की संसद में पाकिस्तान और चीन के ऊपर निशाना साधा।

मोदी ने पहले आतंकवादिओं को आड़े हाथों लिया और कहा की अब पानी सर के ऊपर से जा रहा है पर तब भी कुछ देश है जो आतंकवाद को पनाह देते है और उनमे भेद भाव करने की गलती कर रहे है, फिर उसके बाद उन्होंने चीन के ऊपर तंज कस्ते हुए कहा की, 'हम मित्र हैं और मित्रता में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता है। यह भरोसा इस विश्वास से आता है कि हम एक दूसरे की चिंताओं और हितों का ख्याल रखेंगे जिससे हम दोनों ही और अधिक समृद्ध हों और सुरक्षित रहें। उन्होंने यह भी कहा की भारत कभी भी दोस्ती सिर्फ कर्ज या फिर व्यापार करने के लिए नहीं करता, भारत दोस्ती अपने साथ बाकी राष्ट्रों को भी ले कर चलने के लिए करता है।मालदीव्स के पडोसी चीन ने मालदीव्स को कर्जा दे कर उसे अपना ग़ुलाम बनाना चाहा था क्यों की अभी मालदीव्स भी डेवलप हो रहा है जिसकी वजह से उससे ऐसे कर्ज की जरूरत रहती है और चीन ने उससे यह कर्ज दे दिया और क्यों की वो डेवलप हो रही है तो वो इतना कर्ज जल्दी वापिस भी भी नहीं कर पाएंगे। फिर मोदी ने मालदीव्स को एक सुन्दर नगीना बताया और कहा की मालदीव्स की असीम सुंदरता और प्राकृतिक सम्प्रदा का हजारों सालों से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रकृति की ताकत को चुनौती देने का यह देश एक अनूठा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि व्यापार, लोगों और संस्कृति के अनवरत प्रवाह का मालदीव साक्षी रहा है। राजधानी माले विशाल नीले समंदर का प्रवेश द्वार ही नहीं है बल्कि यह स्थायी, शांतिपूर्ण और समृद्धशाली हिंद महासागर की कुंजी भी है। उन्होंने आखिर में मालदीव्स में उनको बुलाने, सबसे बड़ा सम्मान देने के लिए साथ ही में उनको संसद में स्पीकर बनने के लिए उनका दिल से धन्यवाद भी किया।