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ऐसा मंदिर जहाँ मर्द पहनते है महिलाओ की ड्रेस
June 21, 2019 • अपूर्वा गोस्वामी

 

देश में कई तरह के धर्म है कोई हिन्दू तो कोई मुस्लिम कोई सिख तो कोई इसाई| दुनिया बहुत बड़ी है| हम सबने आज तक यह जरुर सुना है कि दुनिया में कई मंदिर, मस्जिद और पवित्र स्थान है जहाँ पर महिलायों का जाना माना है लकिन आज हम आपको अपनी इस रिपोर्ट में आज एक ऐसा मंदिर बताने जा रहे है जहाँ औरतो का नहीं बल्कि आदमियों का जाना वर्जित है| जी हा अगर कोई आदमी इस मंदिर के दर्शन करना चाहता है तो पहले उसको अपने आपको स्त्री में बदलना पड़ेगा| तभी वह पुरुष दर्शन कर सकता है| आईये अब हम आपको बताते है इस अनोखे मंदिर के बारे में जहाँ पुरुष को बनाना पड़ता है महिला|

केरल के कोल्लम जिले में  स्थित कोतान्कुलान्गारा देवी मंदिर ही ऐसा मंदिर है जहाँ पुरुष नहीं कर सकते एंट्री| दरअसल यहाँ का रिवाज है कि यहाँ पर बस महिला ही पूजा कर सकती है अगर पुरुष को करनी है तो वह पहले अपने आपको स्त्री की तरह सजाए उसके बाद पूजा करने जा सकता है| हैरानी की बात तो यह है की पुरुषों को न केवल महिलाओ के तरह कपडे पहनने होते है बल्कि पूरा 16 श्रृंगार करना होता है| उन्हें आँखों में काजल से लेकर बिंदी तक और होठो पर लिपस्टिक से लेकर बालो में फूलो और गजरा तक लगाना पड़ता है| आपको जानकर हैरानी होगी की बड़ा अनोखा मंदिर है जहाँ किन्नरों तक का जाना निषेद नहीं है बल्कि पुरुषों का जाना वर्जित है|

श्री कोत्तान्कुलान्गारा देवी मंदिर में हर वर्ष चाम्याविलक्कू त्योहार पुरे धूम-धाम से मनाया जाता है| इस त्योहार पर 1000 की तादाद में पुरुष दर्शन करने आते है| इस त्योहार के समय यहाँ पर पुरुषों को श्रृंगार का पूरा सामान मिलता है| यहाँ पर आदमी या लडको को तैयार होने के लिये गहने, बिंदी, लिपस्टिक, काजल, साडी इत्यादि सब सामान मिलता है| रिवाज के अनुसार जब तक आदमी 16 श्रृंगार नहीं कर लेते तब तक उनको मंदिर के अंदर नहीं जाने दिया जाता|

साथ-ही-साथ आपको यह भी बताते हुए चलते है कि इस मंदिर की एक खास बात यह भी सुनने को मिलती है कि इस मंदिर पर कोई छत नहीं है न ही और मंदिरों की तरह कोई कलश रखा हुआ है| यह भी मान्यता है कि कुछ चरवाहों ने जब इस मूर्ति के पहली बार दर्शन करे थे तो महिलाओ के वस्त्र डाले हुए थे और उन्होंने तभी पत्थर पर फूल  चढ़ाए जिसके बाद उस पत्थर से दिव्य शक्ति निकल गयी तब से इस पत्थर को मंदिर में स्‍थापित कर दिया गया|

इसके अलावा एक कथा यह भी सुनाई पड़ती है कि कुछ लोग पत्थर पर नारियल फोड़ रहे थे और तभी पत्थर में से खून निकलने लगा और इसके बाद से यहाँ देवी की पूजा होने लगी है|