ALL Special Stories Delhi/NCR Current Affairs Political News Bollywood News T.V Serial Updates Breaking News Spiritual अजब गजब
दिल्ली में डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी
June 21, 2019 • Apoorva

दिल्ली में अगले कुछ महीनों में करीब डेढ़ लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। कुछ हिस्सों में कैमरे लगने शुरू भी हो गए हैं। आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर ये कैमरे लगाए जाने हैं। आरडब्ल्यूए के सुझाव के बेस पर विधायको ने मीटिंग बुलाई, जिसमें पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी होते हैं। आप आदमी विधायक सौरभ भारद्वाज का कहना है कि उनके विधानसभा एरिया में कई जगह पर सर्वे पूरा हो गया है। आरडब्ल्यूए के सुझावों के आधार पर अलग-अलग जगहों पर कैमरे लगाए जाएंगे। बादली और मोती नगर विधानसभा क्षेत्र के स्वरूप नगर के मोहल्लों में सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं।

 

कमरे के लिए  आरडब्ल्यूए के साथ-साथ आम लोगो के बिजली कनेक्शन से भी बिजली ली जाएगी। कैमरों के लिए बिजली का खर्च सरकार उठाएगी और सरकार द्वारा उन सभी लोगों की लिस्ट बिजली कंपनियों को भेज दी जाएगी, जिनके बिजली कनेक्शन से कैमरों के लिए बिजली ली गई है। सरकार ने अनुमान लगाया है कि एक कैमरे पर महीने में करीब छह यूनिट बिजली खर्च होगा और उसके बाद उनके बिलों में करीब 7 यूनिट एडजस्ट कर दी जाएंगी और कंपनियों को इस बिजली खर्च का भुगतान सरकार करेगी।

पूरी दिल्ली में 1.40 लाख से ज्यादा कैमरे लगने हैं और हर विधानसभा एरिया में 2-2 हजार कैमरे लगाए जाएंगे। स्वराज मॉडल पर ये सीसीटीवी लगाए जाएंगे और इसके लिए गली-मोहल्लों में आम लोगों के साथ बैठकें की जाएंगी। विधायक अब आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर इन बैठकों का आयोजन करवाएंगे और उसी समय सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन फाइनल कर ली जाएंगी। ये वायरलेस कैमरे होंगे और इन कैमरों को लगाने के लिए तारों की जरूरत नहीं होगी।

 

आप आदमी पार्टी के स्पीकर सौरभ भारद्वाज ने बताया कि कई विधानसभा क्षेत्रों में सीसीटीवी लगने का प्रोसेस 8 जून से शुरू हो चूका है। वहीं कुछ विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे खत्म हो गया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर उनमें भी आने वाले वक्त में सीसीटीवी लगने शुरू हो जाएंगे। सौरभ खुद ग्रेटर कैलाश से विधायक हैं। उन्होंने बताया कि आज दोपहर में शाहपुर जाट की पुरानी चौपाल पर क्षेत्रीय लोगों से सीटीटीवी पर चर्चा होनी है। इसमें दिल्ली सरकार के कामकाज और आगामी योजनाएं भी बताई जाएंगी।

 

यह परियोजना दिसंबर तक पूरी हो जाने की संभावना है। चुनाव से पहले 'आप' ने दिल्ली के लोगों से इसका वादा किया था। इसमें देरी इसलिए हुई, क्योंकि कैमरों के लिए तय शर्तों पर सरकार और उपराज्यपाल के बीच सहमति नहीं बन सकी थी।