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पत्रकारों को जेल भेजना पर योगी सरकार घिरी, योगी की खुल गई पोल
June 9, 2019 • Gulshan Verma

जो भी योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लिखेगा उसे जेल में डाल दिया जाएगा

 

उत्तर प्रदेश। जहाँ एक तरफ उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था लाचार होती नज़र आ रही है ट्विंकल शर्मा जैसे मामले आये दिन देखने को मिल रहे हैं वहीँ योगी सरकार अब पत्रकारों की आवाज़ दबाना चाहती है।  आपको बता दें की अब ऐसा समय आ चूका है कि जो भी सरकार के खिलाफ कोई भी पोस्ट लिखेगा उससे जेल में डाल दिया जायेगा। ऐसा हम नहीं बोल रहे बल्कि ऐसा तो उत्तर प्रदेश सरकार खुद बोल रही है जी हाँ  यू पी चीफ मिन्स्टर ऑफिस के आदेश पर कल एक फ्री लांसर पत्रकार जिसका नाम प्रशांत जगदीश कनौजिया है उसे गिरफ्तार कर लिया गया। और इसके पीछे वजह बताई गए आपत्तिजनक टिप्पणी सी एम योगी आदित्य नाथ को लेकर।

चलिए पहले आपको वो टिप्पणियां दिखते हैं जिनके चलते योगी आदित्य नाथ ने पत्रकार कि गिरफ्तारी के आदेश जारी किये इन तस्वीरों में देखिये पहली तस्वीर में एक महिला नज़र आ रही है जो ये बोल रही है कि योगी जी से मेरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये बात होती है मैं उनसे प्रेम करती हूँ और मैं यहाँ उन्हें ये लेटर देने के लिए आई हूँ और इस लेटर में मैंने पूरा ब्यौरा दिया है कि मेरे उनसे कब कब बात हुई है मुझे उन से मिलना है और ये डिटेल मैं डिप्टी सी एम को भी दे चुकीं हूँ। इस वीडियो को शेयर करते हुए पत्रकार प्रशांत लिखते हैं इश्क़ छिपता नहीं छिपाने से ? ये वोही बात है जो ये महिला इस वीडियो में बोल रहे है । ये महिला सच बोल रही है या झूठ बोल रही है ये जाँच का विषय है लेकिन इस पत्रकार कि इस टिपण्णी में क्या ऐसी कोई बात है जिसके कारण उसे गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया जाए।

 

टिपण्णियां सरकारों पर अक्सर होती आईं हैं कार्टून बनाये जाते हैं लेकिन जब सरकार टिप्णीओं पर कार्यवाही करे और अपराधियों को खुला छोड़े तो सोचना पड़ता है। दूसरी तस्वीर में पत्रकार ने हिंदी लेखन पर आपत्ति जताई है योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन कि तस्वीरों पर हिंदी कि कुछ ग़लतियाँ पकड़ कर पत्रकार प्रशांत लिखते हैं कि शायद योगी जी हिंदी नहीं जानते या फिर कॉपी पेस्ट करते हैं क्यूंकि हिंदी कि बहुत सी ग़लतियाँ इस पोस्ट में नज़र आ रही हैं । इन दो ग़लतिओं पर एक पत्रकार को धर लिया जाता है उत्तर प्रदेश में लेकिन जब किसी कि बच्ची जिसका नाम ट्विंकल शर्मा है वो लापता होती है तो पुलिस 48 घंटों तक कोई एक्शन नहीं लेती । पत्रकारों कि आवाज़ को दबाने कि ये कोशिश योगी सरकार कि ठीक वैसी ही है जैसी कोशिश ममता बनर्जी कि बंगाल में चल रही है वहीँ भी कोई अगर उनका मीम शेर करता है तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है। TMC पर प्रश्न उठाने वालों को ये बताना चाहिए कि क्या फर्ख है आज बंगाल में और उत्तरा प्रदेश में ?