पाकिस्तान ने भारत को दीं 5 धमकियाँ
August 7, 2019 • Gulshan Verma

आर्टिकल 370 को हटा कर भारत ने एक ऐतिहासिक कदम उठया है कश्मीर राज्य की उन्नति के लिए कश्मीर के विकास के लिए साथी ही साथ अब लदाख का विकास भी संभव नज़र आ रहा है पुरे देश में हर्षोउल्लास है बस कुछ नेताओं को छोड़ कर कांग्रेस के कुछ नेता न खुश नज़र आ रहे है अनुच्छेद  370 को हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर वहीँ पुरज़ोर वकालत जारी है कांग्रेस के दिग्गज नेताओं द्वारा उन अलगाववादी नेतों को जो कश्मीर में अमन और शांति को देखना नहीं चाहते।  
इसी बिच पकिस्तान की हालत काफी ज़्यादा ख़राब नज़र आ रही है पकिस्तान का कहना है की भारत ने ये ग़लत कदम उठाया है , हालाँकि ये समझ से बहार है की जब भारत पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता तो फिर पकिस्तान क्यों ऐसी हरकतें कर रहा है। 
ज़ाहिर है अभी के हालात पर अगर नज़र डालें तो साफ़ तौर पर ये बात समझ सकते हैं की पाकिस्तान को ये डर सत्ता रहा है की कहीं pok पर भारत कब्ज़ा न कर ले इसी लिए पाकिस्तान अंदर से डरा हुआ है। वहीँ पाकिस्तान के प्रधान मंत्री ने भारत को पांच बड़ी धमकियाँ दे डाली हैं , पहली धमकी में पाक का कहना है की वो कश्मीर के मुद्दे को यूनाइटेड नेशंस लेकर जायेगा।
दूसरी धमकी में पाकिस्तानी PM का कहना है की भारत के इस कदम से पुलवामा हमले जैसे कारनामों को कश्मीर में अंजाम दिया जाएगा।
तीसरी धमकी में पाकिस्तान ये बोल रहा है की वो भारत के इस फैसले के खिलाफ संघर्ष करेगा ।
चौथी धमकी इमरान खान ने भारत को युद्ध की दी है इमरान का कहना है की अगर भारत ने pok को छीनने की कोशिश की तो पाकिस्तान युद्ध करने से भी एतराज़ नहीं करेगा।
और पांचवी धमकी में पाकिस्तान ने कहा है की उसके पास भी भारत की तरह परमाणु हथियार हैं अगर ज़रूरत महसूस हुई तो वो उनका भी इस्तेमाल करने से नहीं चुकेगा।

  ये सारी बातें पाकिस्तान की बौखलाहड़ को दर्शाती हैं और इन सब से ये साफ़ हो जाता है की पाकिस्तान अंदर से बहुत डर गया है और बौखलाहड़ में न जाने क्या क्या बयां जारी किये जा रहा है। गौरतलब है की पाकिस्तान में खाने के लाले बड़े हुए हैं शिक्षि के नाम पर 70 प्रतिशत आवाम को अपन नाम तक ठीक से लिखना नहीं ात और ऐसे पते हाल में इन युद्ध लड़ना है , इस तरह के मज़ाक से तो कहीं बेहतर है इमरान खान अपने देश के नागरिकों के लिए खाने और शिक्षा का जुगाड़ करें।
यूनाइटेड नेशन में इन्हे जाकर बात रखनी चाहिए उन साठ फीसदी पाकिस्तानी नागरिकों की जिन्हे दो वख्त की रोतो तक नसीब नहीं हो रही है।