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सरकार के सबसे गरीब मंत्री का यह है असली सच !
June 1, 2019 • रजत राज गुप्ता

सरकार के सबसे गरीब मंत्री का यह है असली सच !

आज कल मीडिया में बीजेपी के मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी अपने गरीब परिवार से होने की वजह से बहुत ही ज्यादा चर्चा में है। मीडिया उनके एक पहलु के बारे में बता रही है पर हम आज आपको उनके दूसरे पहलु के बारे मे भी बतायेगे।

 

जैसा की हम सब जानते है की 30 मई को प्रधानमंत्री ने शपथ ग्रहण करी और भारत के 16 वें प्रधानमंत्री बन गए है।प्रधानमंत्री के कैबिनेट में 57 मंत्री है जिसमे से 14 लोग ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली है जिनमे से एक प्रताप चंद्र सारंगी है। प्रताप चंद्र सारंगी ओडिशा के एम एल ए रह चुके है। प्रताप चंद्र सारंगी की उम्र 64 साल की है जिन्होंने ओडिशा के बालासोर से इलेक्शन लड़ा था। सारंगी को सूक्षम,लघु और मध्यम उद्यम तथा पशु पालन डेरी और मत्स्य पालन का मंत्रायल दिया गया है। उनके एक गरीब परिवार से मंत्री बनने तक के इस संघर्ष को ले कर उनकी काफी सराहना की जा रही है। आईये जानते है उनके बारे में कुछ ऐसे बाते जो किसी ने भी अभी तक नहीं बताई है।

प्रताप चंद्र ने इलेक्शन कमीशन में जो एफिडेविट दिया था उसमे इनके पास 15000 नकदी थी और इनकी संपत्ति 15 लाख की थी। सारंगी के शपत पत्र में यह भी लिखा था की उनके ऊपर सात क्रिमिनल केसेस है जिनका अभी तक कोई नतीजे नहीं आये है और तो और इनके ऊपर यह भी आरोप है की उन्होंने आपराधिक धमकिया,लोगो को भड़काना,जबरन वसूली और ऐसे कई आरोप है जिनमे से अभी तक एक का भी फैसला नहीं आया है।

मार्च 2002 में  जब सारंगी बजरंग दल में थे तो वो ओडिशा में आरएसएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बन चुके थे जो की कट्टर हिन्दुओं का एक समूह था। उस समय यह गिरफ्तार करे लिए गए थे। इनके ऊपर  लोगो को भड़काने, आगजनी और सरकारी संपत्तियों को नुक्सान पहुंचाले का आरोप लगाया गया था। उसी समय की बात है,ओडिशा के विधान सभा को 500 लोगो ने घेराव कर एक ही बात बोली थी की अयोध्या की विवादित ज़मीन पर राम मंदिर ही बनना चाहिए और  जितने भी लोग थे उन सब के पास त्रिशूल और लाठिया थी । 

 

उसके कुछ समय बाद जनवरी 1999 में  सारंगी को बजरंग दल का चीफ बना दिया गया। उसी समय ऑस्ट्रेलिया के मिशनरी ग्रैहम स्टाइनेस और उनके बेटे जिनकी उम्र 11 साल और 7 साल थी उनको जिन्दा जला दिया गया । स्टाइनेस और उनके बेटे स्टेशन के एक कमरे में सो रहे थे और वहा पर  दो लोगो ने आ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया. कहा जाता  है की वो दो लोग बजरंग दल के थे पर इस घटना का आज तक खुलासा नहीं  हुआ । यह घटना ओडिसा के मनोहरपुर के क्योंझर की है। रेडइफ्फ में एक इंटरव्यू में जब सारंगी से इस घटना के बारे में पुछा तो उन्होंने कहा की इस घटना में बजरंग दाल का कोई भी आदमी शामिल नहीं था. यह सब अफवाह है ।  हम आपको यह भी बता दे की उस समय बजरंग दल के ऊपर एक और आरोप लगा था की वो इसाईओं का धर्म  परिवर्तन कर हिन्दू बना रहे है। रेडइफ्फ जब सारंगी का इंटरव्यू कर रहे थे तो उन्होंने बीच में कहा था की ओडिशा में इसाइओ की संख्या दिन पे दिन बढ़ रही है। और जब उनसे पूछा की उनका इसाइओ को ले कर क्या नजरिए है तो उन्होंने कहा की कुछ इसाईओं को छोड़ के सारे ईसाई बेवकूफ है।

जिस मंत्री को गरीब कहे के मीडिया उनकी सराहना कर रही है उसकी असली सचाई किसी ने नहीं बताई.