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  सिर्फ 1 मंत्र पढ़ने से खुल जायेंगे आपकी किस्मत के ताले।
June 12, 2019 • अपूर्वा गोस्वामी

 

 

जैसा आप सब लोग जानते है कि हिंदुओं में गंगा दशहरा का बहुत ज्यादा महत्व होता है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक हर साल ज्‍येष्‍ठ माह की शुक्‍ल पक्ष की दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस बार गंगा दशहरा का शुभ दिन 12 जून को मनाया जा रहा है। हिंदू मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा के दिन गंगा का अवतार हुआ था। इस दिन लोग हवन, पूजा-पाठ, मुंडन जैसे काम करवाते है। इस दिन लोग गंगा नदी पर जाकर स्नान करना शुभ मानते है। साथ-साथ अपनी मर्जी से दान-पुण्य भी करवाते है। गंगा दशहरा का शुभ महूर्त 11 जून रात 8:19 से शुरू 12 जून शाम 6:27 तक का बताया गया है। 

आईये आपको बताते है कैसे आयी गंगा माँ धरती पर?

पौराणिक कथाओं के अनुसार यह माना जाता है कि भागीरथ अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए धरती पर गंगा को लाना चाहते थे। क्योकि इस श्राप का उद्धार केवल गंगा माँ ही कर सकती थी अपने श्राप से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने गंगा माँ कि तपस्या करनी शुरू कर दी क्योकि एक केवल गंगा माँ ही उनका उद्धार कर सकती थी। गंगा माँ तपस्या से प्रसन्न हुई और उन्होंने अपने दर्शन दिए फिर भगीरथ ने उनको धरती पर आने के लिए उनसे प्रार्थना की। माँ गंगा ने आने के लिए हाँ कर दी थी क्योकि इस श्राप का उद्धार केवल गंगा माँ ही कर सकती थी  लेकिन मां गंगा का वेग इतना अधिक है कि अगर वह सीधे धरती पर आतीं तो धरती पाताल में ही चली जातीं। इसी कारण भक्‍तों ने भगवन शिव से विनती कि वह गंगा को अपनी जटाओं में विराजित करले भक्‍तों की शिव जी ने दरकस सुन ली  और माँ गंगा को अपनी जटाओं में विराजित कर लिया और उसके बाद मां गंगा कैलाश से होते हुए धरती पर पहुंची और भगीरथ के पूर्वजों का उद्धार किया।

 

कौन से मंत्र का करे जाप?

 

गंगा दशहरा पर स्नान के दौरान 'ऊँ नम: शिवाय नारायण्यै दशहराय मंत्र का जप करना चाहिए। इसके बाद ' ऊँ नमो भगवते एं ह्रीं श्रीं हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे मां पावय स्वाहा मंत्र का भी जप करें।

 

साथ ही आपको ये जानकारी देते हुए चलते है कि इस बार गंगा  दशहरा पर 75 साल बाद 10 दिव्य योग का संयोग बन रहा है। इन दस योग में ज्येष्ठ योग, व्यतिपात योग, गर करण योग, आनंद योग, कन्या राशि के चंद्रमा व वृषभ राशि के सूर्य की दशा में महायोग बन रहा है। ज्योतिषी इसे दस योग बता रहे हैं। इसलिए गंगा में नहाकर आइए और दस प्रकार के पापों से छुटकारा पाइए।