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स्मृति ने राजीव गाँधी का सपना पूरा किया
July 19, 2019 • Gulshan Verma

राजीव गाँधी के लिए जो राहुल गाँधी नहीं कर पाए वो समृति ईरानी ने कर दिखाया



लोकसभा चुनाव 2019 में परचंड जीत हासिल करने के बाद राहुल गाँधी को हरा कर स्मृति ईरानी ने उत्तर प्रदेश के अमेठी एक बेहतरीन जीत हासिल की थी इस बात में कोई शक नहीं है , वहीँ राहुल गाँधी ने हालत को देखते हुए दो जगहों से चुनाव लड़ने का फैसला लिया था एक तो अमेठी से और दूसरा वायनाड से अमेठी से राहुल गाँधी को जनता ने नकारा तो वहीँ वायनाड से राहुल गाँधी विजयी रहे।
वहीँ अगर बात की जाए राजीव गाँधी की तो वो 40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे और संभवतः दुनिया के उन युवा राजनेताओं में से एक थे जिन्होंने सरकार का नेतृत्व किया है। राजीव गांधी का कार्यकाल कुल मिलाकर मिला-जुला रहा था। राजीव गाँधी ने बहुत से ज़रूरी सुविधाओं की शुरआत की जिसके अंतर्गत संचार क्रांति कम्प्यूटर क्रांति शिक्षा का प्रसार, 18 साल के युवाओं को वोट देने क अधिकार और पंचायती राज आदि शामिल हैं। और उन्होंने कई साहसिक कदम भी उठाए जिनमें असम समझौता पंजाब समझौता मिजोरम समझौता, श्रीलंका में शांति सेना का भेजा जाना भी शामिल हैं।
वहीँ राहुल गाँधी के पिता राजीव गाँधी का एक ऐसा सपना भी था जो अधूरा रह गया था और उस सपने को पूरा करने में पूरी तरह से नाकाम रहे राहुल गाँधी, लेकिन वहीँ हैरान करने वाली बात ये है की अब स्मृति ईरानी ने राजीव गाँधी का ये सपना पूरा कर दिया है।
सुल्तानपुर और अमेठी के बीच 35 किलोमीटर की दुरी है और यहाँ के लोगों को काफी दिक्कत पेश आती है सफर करने में अमेठी और सुल्तानपुर के दरमियां 37 गाँव आते हैं और इन 37 गाँव वालों के लिए राजीव गाँधी 35 किलोमीटर लंबी एक रेल की शुरवात करना चाहते थे लेकिन उनका ये सपना अधूरा ही रह गया और वो चल बसे , वही सवर्गिए राजीव गाँधी के पुत्र ने इस रेल की नीव तो राखी 2013 में लेकिन इसका काम शुरू नहीं करवाया , पिछले सात साल से ये कार्य या यूँ कहे की राजीव गाँधी का ये सपना अधूरा पड़ा था , लेकिन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस योजना को मंज़ूरी देते हुआ इस पर काम शुरू करवा दिया है और जल्द ही ये सपना राजीव गाँधी का जिसे राहुल गाँधी नहीं पूरा कर सके साकार हो जायेगा इसका श्रये जायेगा स्मृति ईरानी को।