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क़ुतुब मीनार का वो सच जो कर देगा हैरान
June 24, 2019 • अपूर्वा गोस्वामी

क़ुतुब मीनार का निर्माण क़ुतुब-दीन-ऐबाक ने 1192 ई में किया था| आज भी इसे निर्माण कुशलता का जीता-जागता नमूना कहा जाता है| 1505 ई में एक भयंकर भूकंप आने से यह लगभग तबाह ही हो गयी थी| लकिन इसकी मरम्मत करवा दी गयी| फिर एक बार 1803 ई में भी भयंकर भूकंप आया और इसको बहुत ज्यादा नुकसान पहुचा लकिन इसको दुबारा से ठीक-ठाक करवा दिया गया| अगर आज आप इसको देखने के लिए जाते है तो आपको इसके अंदर या ऊपर नहीं जाने दिया जाता क्योंकि इसके दरवाजो को सरकारी तौर पर बंद कर दिया गया है| लकिन ऐसा क्यों किया गया है आईये हम आपको अपनी इस रिपोर्ट में बताते हैं|

दरअसल क़ुतुब मीनार लगभग 900 साल पुरानी इमारत है| और यहाँ पर घूमने आए कई लोगो ने बताया कि इसके आस-पास अक्सर किसी के होने का अहसास होता है| रात के समय पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स ने इस जगह पर अनजान शक्तियों के होने का दवा किया था| साल 1984 से पहले क़ुतुब मीनार के अंदर और अंदर की सीढ़ियों से ऊपर जाने दिया जाता था| लकिन 4 दिसंबर 1984 को कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से इसके दरवाजो को हमेशा के लिए बंद करना पड़ा|

दरअसल 4 दिसंबर 1984 को करीब 400 लोग इसके अंदर थे| और सीढ़ियों के सहारे इसके ऊपर चढ़ रहे थे| इसमें ज्यादातर स्कूल के बच्चे थे| इसके अंदर की सीढ़िया इतने छोटी है कि एक समय पर कोई एक ऊपर या नीचे जा सकता है| इसकी इतनी ऊंचाई होने की वजह से इसमें 389 सीढ़िया है| इसके अंदर बहार से रोशनी नहीं आती थी इसलिए इसके अंदर बिजली के बल्ब लगाए हुए थे| अचानक बिजली बंद हो गयी और अंदर अँधेरे में सब डर गए और नीचे की तरफ भागने लगे| सीढ़िया छोटी होने के कारण जल्दी इससे उतरा भी नहीं जा सकता था| इस भगदड़ में 45 लोगो की मौत हुई| जिसमे ज्यादातर बच्चे थे| तभी से क़ुतुब मीनार के अंदर जाना बंद कर दिया गया| इसे जब भी खोलने का सोचा तभी कोई न कोई हादसा हुआ इसलिए फिर हार कर इसे सरकार ने हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिया|

आज भी रात में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स द्वारा रिसर्च करने पर पता चला कि क़ुतुब मीनार के आस-पास कुछ अजीब सा अहसास होता है| और इनका यह भी कहना है कि उन मृत लोगो की रुहें आज भी कुछ अजीब सा अहसाह करवाती है| जो लोग इस हादसे में अपनी जान गवां चुकें हैं उनका कहना था की कुछ अहसाह हुआ करता था और अगर आप अकेले भी अंदर जाते तो ऐसा लगता कोई ओर भी आपके साथ है| वहाँ के प्रशासन का कहना है की क़ुतुब मीनार के अंदर सिक्योरिटी नाम की चीज नहीं है इसलिए इसको बंद रखना ही आखरी उपाय है|