ALL Special Stories Delhi/NCR Current Affairs Political News Bollywood News T.V Serial Updates Breaking News Spiritual अजब गजब
अमेरिकी न्यूज़ दिखा रही है ओध्या फैसले को मोदी की जीत।
November 29, 2019 • अर्पण न्यूज़ ब्यूरो

 

9 नवंबर 2019 का दिन भारत के एतिहसिक दिनों में से एक है क्यूंकि आज 70 सालों से चले आ रहे अयोध्या केस पर  फैसला आ गया है और ये फैसले सभी को मंजूर है और सब इस फैसले का स्वागत कर रहे है। वहीँ इस खबर को अमेरिकी अखबार राजनीती से जोड़ कर पेश कर रहे है।

 

अमेरिकी अखबार अक्सर भारत की हर बड़ी खबर पर कोई न कोई ऐसी बात लिख देता है जिसकी वजह से वो चर्चा का विषय बन जाती है। ऐसे ही इस बार अयोध्या केस के फैसले पर अमेरिकी अख़बार ने काफी ऐसी बातें लिखी है जो चर्चा का विषय बन चूका है। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि दशकों पुराने विवाद में यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी जीत है। भगवान राम के लिए विवादित स्थल पर मंदिर बनाना लंबे समय से भाजपा का उद्देश्य था और वो उद्देश्य आज पूरा हो गया। आगे अखबार ने लिखा है की, "भारत की सुप्रीम कोर्ट ने देश के सबसे विवादित धार्मिक स्थल को ट्रस्ट को देने का आदेश दिया और जिस जगह कभी मस्जिद हुआ करती थी, उस जगह हिंदू मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया।” 

 

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिंदुओं को उस जगह मंदिर बनाने की अनुमति मिली, जहां पहले मस्जिद हुआ करती थी। हिंदुओं ने इसकी योजना 1992 के बाद तैयार कर ली थी, जब बाबरी मस्जिद गिराई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा हिंदू राष्ट्रवाद और अयोध्या में मंदिर बनाने की लहर में ही सत्ता में आए। यह उनके प्लेटफॉर्म का प्रमुख मुद्दा था।”

 

इसके साथ दूसरे देशों के अख़बारों ने भी ऐसी ही बातें लिखी है। पडोसी मुल्क पाकिस्तान के अखबार 'द डॉन' ने लिखा, “भारत की सुप्रीम कोर्ट ने उस विवादित स्थल पर, जहां हिंदुओं ने 1992 में मस्जिद गिराई थी हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुना दिया और कहा कि अयोध्या की जमीन पर मंदिर बनाया जाएगा। हालांकि, कोर्ट ने यह मान लिया कि 460 साल पुरानी बाबरी मस्जिद को गिराना कानून का उल्लंघन था। कोर्ट के फैसले से भारत के हिंदू-मुस्लिमों के बीच भारी हुए संबंधोंं पर बड़ा असर पड़ सकता है।”

 

यूनाइटेड अरब एमिरेट्स की एक न्यूज़ वेबसाइट गल्फ न्यूज लिखती है, “134 साल का विवाद 30 मिनट में सुलझा लिया गया। हिंदुओं को अयोध्या की जमीन मिलेगी। मुस्लिमों को मस्जिद के लिए वैकल्पिक जमीन दी जाएगी।”

 

वहीँ ब्रिटिश अखबार गार्जियन ने भी इस फैसले को प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत बताया है। अखबार ने लिखा है कि "अयोध्या में राम मंदिर बनाना उनके राष्ट्रवादी एजेंडे का हिस्सा रहा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश के 20 करोड़ मुस्लिम सरकार से डर महसूस कर रहे हैं। अखबार ने कहा कि 1992 में मस्जिद ढहाया जाना भारत में धर्मनिरपेक्षता के नाकाम होने का बड़ा क्षण था।”