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बीजेपी और शिवसेना का टूटा गठबंधन।
November 29, 2019 • अर्पण न्यूज़ ब्यूरो

 

बीजेपी और शिवसेना दोनों पार्टियां हिन्दू वादी पार्टी है पर महाराष्ट्र में सरकार बनाने को ले कर दोनों ही पार्टियों में तना-तानी हो रही है। जहाँ बीजेपी ये चाह रही है की सीएम उन्ही की पार्टी का हो वहीँ शिवसेना ये चाह रही है की सीएम उनका हो पर दोनों में से कोई भी पार्टी महाराष्ट्र में सरकार नहीं बना पा रही है क्यूंकि न तो शिवसेना के पास  सर्कार बनाने के लिए बहुमत है और ना ही बीजेपी के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत है।

 

चुनावों के नतीजे आये हुए 17 दिन हो गए है पर अभी भी महारष्ट्र में किसी की सरकार नहीं बन पायी है। सरकार ना बनने की वजह से शिवसेना दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रही है जिसमे सबसे पहले नाम एनसीपी का आता है। कल एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से फ़ोन पर बात की थी। सूत्रों की माने तो इस बात-चीत में शरद पवार ने उद्धव ठाकरे से सरकार बनाने के बारे में बात की है और शरद पवार ने ये शर्त रखी है की एनसीपी तब ही सरकार बनाएगी तब शिवसेना बीजेपी के साथ गठबंधन के सारे रिश्ते तोड़-देगी। तो हम आपको बताते चले की शरद पवार की बात शिवसेना के नेता मानने भी लगे है क्यूंकि शिवसेना कोटे से मोदी सरकार में रहे मंत्री अरविंद सावंत ने सोमवार को इस्तीफा देने का ऐलान किया है। शिवसेना नेता और केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने कहा कि "लोकसभा चुनाव से पहले सत्ता के बंटवारे का फॉर्मूला तैयार किया गया था। शिवसेना और बीजेपी दोनों आश्वस्त थे। अब इस फॉर्मूले को नकारना शिवसेना के लिए गंभीर खतरा है। महाराष्ट्र में बीजेपी ने झूठ का माहौल बना रखा है। शिवसेना हमेशा सच्चाई के पक्ष में रही है। ऐसे में इतने झूठे माहौल में दिल्ली सरकार में क्यों रहें? और इसीलिए मैं केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे रहा हूं। अरविंद सावंत ने ये सारी जानकारी ट्वीट कर बताई है। अरविंद सावंत ने ट्वीट के जरिए इस्तीफे का ऐलान करते हुए सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जानकारी भी दी है। उन्होंने कहा है कि मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं और आज सुबह 11 बजे मीडिया के सामने अपना पक्ष रखूंगा।

 

बहरहाल इस इस्तीफे को हम गठबंधन के टूटने का पहला कदम मान सकते हैं और एनसीपी के साथ सरकार बनाने के लिए पहली सीढ़ी।