ALL Special Stories Delhi/NCR Current Affairs Political News Bollywood News T.V Serial Updates Breaking News Spiritual अजब गजब
कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले UP पुलिस के तीन अलग-अलग बयान.
October 21, 2019 • Rajat raj Gupta

 

 

लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले से जुड़े काफी बड़े-बड़े खुलासे हुए है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक 5 लोगों को हिरासत में लिया है। लेकिन अभी भी जिन दो लोगों ने हत्या को अंजाम दिया है उनके बारे में कुछ नहीं पता चला है। इस घटना को ले कर यूपी के डीजीपि और एसएसपी ने कुछ बयां दिए है  लेकिन सारे बयां एक दूसरे से काफी ज्यादा अलग है।

यूपी के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने 18 अक्टूबर को कहा था की शुरुआती जांच में यह आपसी रंजिश का मामला लगता है। लोग उनसे मिलने आए थे, और उनसे कुछ दुश्मनी थी। ऐसा लगता है कि ये लोग कमलेश तिवारी को जानते थे। ऐसा लगता है कि किसी जानने वाले ने ही तिवारी की हत्या की है।

इसके बाद डीजीपी ओपी सिंह ने 19 अक्टूबर को कहा की इस हत्याकांड में गुजरात तक कनेक्शन मिलने के बाद भी अभी तक आरोपियों का किसी आतंकवादी समूह से जुड़े होने के सबूत नहीं मिले हैं। पहली नजर में यह हत्या तिवारी के उनके साल 2015 में दिए गए बयान की वजह से हुई है ऐसा लगा था। हालांकि इस मामले में सभी आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही साफ हो सकेगा।
 
फिर 21 अक्टूबर को डीजीपी ओपी सिंह ने कहा की मैं किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहा हूं।' पर जब उनसे सवाल किया गया कि क्या ये आरोपी किसी आतंकवादी संगठन से भी रिश्ता रखते है जिस पर उन्होंने अपने पिछले बयान में इस बात से इंकार कर चुके थे उस पर उन्होंने कहा- देखिए, कई तरह के आतंकी मॉड्यूल हैं। कुछ स्वयंभू मॉड्यल्स हैं। स्लीपर मॉड्यूल भी हैं। कुछ मॉड्यूल आतंकी संगठनों से भी जुड़े हैं। हम कोण से जांच कर रहे हैं। जब बाकी आरोपियों को पकड़ लेंगे, तभी पूरा सच जान पाएंगे।

इन तीनो बयानों में इन्होने हर बार अलग अलग बयान दिया है, जहाँ उन्होंने पहले कहा की ये आपसी रंजिश का मामला लगता है तो दूसरे बयान में उन्होंने कहा है की उनका किसी भी आतंकवादी समूह से जुड़े होने की आशंका नहीं है और फिर अगले ही बयान में वो कहते है की वो किस आतंकी समूह से जुड़े हो सकते है कुछ नहीं कहा जा सकता। इसका मतलब ये की पुलिस सरासर झूट बोल रही है। वहीँ हम आपको बता दे की कमलेश तिवारी की मौत के बाद ही कमलेश की माँ योगी आदित्यनाथ से मिलने गयी थी जिनसे मिल कर आने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा की उन्हें इस सर्कार और इस प्रशासन पर बिलकुल भी भरोसा नहीं है। इसके बाद कमलेश के बेटे ने भी कहा की उसे पुलिस के गिरफ्तार किये गए लोगों पर बिलकुल भी भरोसा नहीं है। जब उन्होंने देखा की ये केस पूरा बिगड़ रहा है तो उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवार के बेटे को सरकारी नौकरी, सुरक्षा और आवास देने का आश्वासन दिया।