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कमलेश तिवारी के अपराधियों के कॉल रिकार्ड्स से हुआ बड़ा खुलासा
October 21, 2019 • Rajat Raj Gupta

 

हिन्दू समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी को शुक्रवार को दो लोगों ने यमलोक पहुंचा दिया। इस घटना के बाद से कमलेश तिवारी की फैमिली योगी आदित्यनाथ से काफी ज्यादा नाराज़ है और उन्हें उत्तर प्रदेश प्रशासन पर बिलकुल भी भरोसा नहीं है। ऐसा खुद कमलेश तिवारी के बेटे ने कहा है। लेकिन इसके बावजूद पुलिस इस केस पर अपनी कार्यवाही कर रही है और उन्हें कई सबूत भी मिले है और उन्होंने इन सबूतें से जुड़ा एक नया खुलासा किया है जिसमे उन्होंने अपराधियों के कॉल डिटेल्स बताये है।

कमलेश तिवारी केस को लगभग 3 दिन से भी ज्यादा हो गया है और इन तीन दिनों पुलिस को काफी सबूत मिले हैं। पर पुलिस के हाथ एक बड़ा सबूत लगा है जिससे आरोपिओं के बारे में सब कुछ पता चल सकता है। डीजीपी ने बताया की जिस नंबर से आखिरी बार अभियुक्तों ने कमलेश तिवारी से बात की थी, उसी नंबर से गुजरात के कई नंबरों पर बात की गई है जिससे पुलिस को इस हत्याकांड का सिरा तलाशने में आसानी हुई। डीजीपी ने बताया कि उन्होंने खुद गुजरात के डीजीपी से बात कर मदद मांगी जिसके बाद गुजरात एटीएस सीधे मिठाई की दुकान पर पहुंची जिस पर अभ्युक्त मिठाई लेने गया था और वहां का सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो उसमें एक युवक मिठाई लेता हुआ दिखाई दे रहा है जिसका नाम फैजान बताया जा रहा है इसके बाद देर रात एटीएस ने फैजान को गिरफ्तार किया और फिर मोहसिन और राशिद को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में दो अन्य लोगों गौरव तिवारी और मोहसिन के भाई को भी हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया, डीजीपी ने बताया कि गौरव तिवारी मूल रूप से यूपी का ही रहने वाला है। उसने कमलेश तिवारी को फोन कर उसके संगठन से जुड़ने की इच्छा जाहिर की थी। डीजीपी ने बताया कि उस वक्त दोनों व्यक्तियों को छोड़ भले ही दिया गया हो, लेकिन उन पर पूरी नजर रखी जा रही है। पकड़े गए तीन युवकों का भी कोई आपराधिक इतिहास अब तक नहीं पता चला है। डीजीपी ने बताया कि हत्या करने वाले जिन युवकों के नाम सामने आए हैं वह गुजरात के सूरत में रहकर अलग-अलग काम करते हैं। मूल रूप से यह यूपी के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। लेकिन डीजीपी ने युवकों का  नाम बताने से इंकार करते हुए कहा कि इससे हमारी विवेचना पर असर पड़ सकता है।